Small Savings Schemes : भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे करोड़ों निवेशकों को राहत मिलेगी। वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इस बारे में डाक विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।

किन योजनाओं पर होगा असर?
इस फैसले का प्रभाव उन लोकप्रिय बचत योजनाओं पर पड़ेगा, जिनमें सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ, एनएससी, किसान विकास पत्र, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और डाकघर सावधि जमा योजनाएँ शामिल हैं।
क्या हैं छोटी बचत योजनाएँ?
छोटी बचत योजनाएँ (Small Savings Schemes) उन निवेश साधनों में शामिल हैं जो सरकार द्वारा संचालित होते हैं और आम जनता, विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए सुरक्षित निवेश का विकल्प प्रदान करते हैं। इनमें पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और डाकघर सावधि जमा जैसी योजनाएँ शामिल हैं।
हाँ, आपका सारांश सही है! भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानि, जनवरी-मार्च 2025 की दरें ही अप्रैल-जून 2025 में भी लागू रहेंगी।
प्रमुख योजनाओं की वर्तमान ब्याज दरें (अप्रैल-जून 2025):
- सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) – 8.2%
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) – 7.1%
- राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) – 7.7%
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) – 8.2%
- आवर्ती जमा (RD) – 6.7%
- बचत खाता (Savings Account) – 4.0%
- बचत खाता (Savings Account) – 4.0%
- किसान विकास पत्र (KVP) – 7.5% (परिपक्वता: ~115 महीने)
- सावधि जमा (FD):
- 1 वर्ष – 6.9%
- 2 वर्ष – 7.0%
- 3 वर्ष – 7.1%
- 5 वर्ष – 7.5%
ब्याज दरें जस की तस रहेंगी
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जनवरी 2025 से मार्च 2025 की तिमाही में लागू ब्याज दरें ही आगामी तिमाही के लिए जारी रहेंगी। इससे उन निवेशकों को राहत मिलेगी जो छोटी बचत योजनाओं में अपनी जमा राशि पर स्थिर रिटर्न की उम्मीद कर रहे थे।
डाक विभाग ने किया आधिकारिक ऐलान
डाक विभाग द्वारा जारी आदेश में सभी सर्किल और क्षेत्रों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि इस जानकारी को सभी संबंधित विभागों तक पहुँचाया जाए। इसके अलावा, यह सूचना सभी डाकघरों में सार्वजनिक क्षेत्र में नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है।
क्या होगा निवेशकों पर असर?
इस निर्णय का सीधा असर उन निवेशकों पर पड़ेगा जो इन योजनाओं के तहत अपनी पूंजी सुरक्षित रखते हैं। ब्याज दरों में कोई बदलाव न होने से वे अपनी निवेश रणनीति को बिना किसी चिंता के जारी रख सकते हैं।
सरकार का रुख स्थिर
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने यह निर्णय मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रास्फीति दर को ध्यान में रखते हुए लिया है। हालांकि, आगामी तिमाहियों में ब्याज दरों में बदलाव संभव हो सकता है, इस पर वित्त मंत्रालय भविष्य में निर्णय लेगा।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी वित्तीय योजनाओं की समीक्षा करें और अपनी जरूरतों के अनुसार निवेश करें।
मैं एक हिंदी कंटेंट राइटर हूं
और मैं सरकारी कर्मचारी के लिए लेटेस्ट न्यूज,
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